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作者:王徒宗平 来源:原创 发布日期:08-21

料理仙姬

未经批准私自打井取水,青岛大珠山旅游开发有限公司被罚2万元_我的网站

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A |     जागरण संवाददाता, सहारनपुर। सहारनपुर में जाहरवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है और यह उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह म्हाड़ी गंगोह रोड पर मानकमऊ में स्थित है और इसे गुघाल मेले के नाम से भी जाना जाता है। यह मेला हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। इस बार यह मेला पांच सितंबर से शुरू होगा।,भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की दशमी से होता है तीन दिवसीय मेले का आयोजन यहां हर वर्ष भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की दशमी को तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है, जिसमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाखों श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाने आते हैं। गत चार अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा जाहरवीर गोगा म्हाडी मंदिर में आकर पूजा-अर्चना की थी। दो से चार अगस्त तक म्हाड़ी मेला और पांच सितंबर से मेला गुघाल का आयोजन होगा। ,जाहरवीर गोगाजी का परिचय जाहरवीर गोगा जी, जिन्हें गोगा पीर, जाहर पीर या गोगा चौहान के नाम से भी जाना जाता है, एक लोकदेवता और वीर योद्धा थे। उनका जन्म राजस्थान के चुरू जिले के ददरेवा गांव में विक्रम संवत 1003 (लगभग 946 ई.) में हुआ था। उनके पिता राजा जेवर सिंह और माता बाछल थीं, जो सरसावा (सहारनपुर) के राजा कुंवरपाल की पुत्री थीं। इस कारण सरसावा को उनकी ननिहाल माना जाता है।,म्हाड़ी की स्थापना ऐसा माना जाता है कि गोगा जी सहारनपुर आए थे और गंगोह रोड पर रुके थे। उन्होंने अपने भक्त कबली भगत को मछली पकड़ने का कार्य छोड़कर पूजा करने का आदेश दिया और चांदी का नेजा (प्रतीक चिह्न) देकर म्हाड़ी की स्थापना कराई। यह म्हाड़ी राजस्थान के बागड़ से लाई गई ईंट से बनाई गई थी।,म्हाडी मेले का इतिहास सहारनपुर में गोगा म्हाड़ी का मेला लगभग 800-1000 वर्षों से आयोजित हो रहा है। यह राजस्थान के बागड़ के बाद दूसरा सबसे बड़ा गोगा मेला माना जाता है। माना जाता है कि लगभग 1450 साल पहले गोगा जी ने सहारनपुर में नेजा स्थापित किया था, जिसके बाद से छड़ियों के पूजन और मेले की परंपरा शुरू हुई। 26 छडियों के आगमन के साथ मेला शुरू होता है। नेजा गोगा जी का प्रतीक है। ,आस्था और परंपराएं श्रद्धालु यहां आटा, चना, गुड़, मिठाई, झंडा और छड़ियां चढ़ाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नत यहां अवश्य पूरी होती है। गोगा जी को सांपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है, और लोग सर्पदंश से सुरक्षा के लिए उनकी प्रार्थना करते है। गोगा जी में हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय समान रूप से आस्था रखते हैं। सहारनपुर का मेला इस साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। मुस्लिम समुदाय उन्हें गोगा पीर के रूप में सम्मान देता है।。

B |     齐鲁晚报·齐鲁壹点记者 赵波     日前,青岛西海岸新区综合行政执法局依法对青岛大珠山旅游开发有限公司作出行政处罚,该公司因未经批准私自打井取水,被处以罚款2万元。         经查,青岛西海岸新区综合行政执法局接到黄岛区人民检察院检察建议书后,组织执法人员对滨海街道办事处青岛石门寺南门正对面进行执法检查,发现青岛大珠山旅游开发有限公司在该处未经批准擅自打井,并安装饮水机进行取水。

C | 经现场测量,取水管内径为20毫米。据悉,该行为违反了《中华人民共和国水法》第四十八条关于“直接从江河、湖泊或者地下取用水资源的单位和个人,应当按照国家取水许可制度和水资源有偿使用制度的规定,向水行政主管部门或者流域管理机构申请领取取水许可证”的规定,属于未经批准擅自取水的违法行为。    依据《中华人民共和国水法》第六十九条之规定,青岛西海岸新区综合行政执法局于2026年7月9日对该公司作出行政处罚决定,责令停止违法行为,限期采取补救措施,并处罚款20000元。    资料显示,青岛大珠山旅游开发有限公司成立于2017年9月,法定代表人徐潇玲,注册资本4900万元,系青岛西海岸新区海洋控股集团旗下企业,主要负责大珠山风景名胜区的旅游开发建设及运营管理。目前青岛西海岸新区正严格管控地下水开采、严守水资源管理红线,综合行政执法部门将持续加大水资源领域执法力度,对私自打井、违法取水等行为保持高压态势,切实维护水资源管理秩序。返回,查看更多。

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Published on:08:19:19


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