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权威发布丨京津冀深化商事制度领域合作 推动全域营业执照异地“办、发、领”全流程通办_我的网站

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一 |     जागरण संवाददाता, वाराणसी (जेपी पांडेय)। गणेश मंदिर और सीता राम, राधा कृष्ण और सत्यनारायण ट्रस्ट के मकान में कैसे आया मुस्‍ल‍िमों का नाम यह जान कर आप चौंक जाएंगे। लेक‍िन, खबर सौ आने सच है। दरअसल पूरा मामला दालमंडी से जुड़ा हुआ है।,यहां पर सड़क, 184 मकान और जमीन के मुआवजे को 215 करोड़ रुपये म‍ि‍ला है। लोक निर्माण विभाग को दालमंडी में मुआवजा देना चुनौती से कम नहीं। पार्षद ने कहा है क‍ि जिला प्रशासन निर्णय ले ताक‍ि सरकार की छवि धूमिल न हो।  ,यह भी पढ़ें : औरंगजेब नहीं था ज्ञानवापी का मालिक, पुनरीक्षण याचिका पर वाद मित्र ने दी अदालत में दलील नई सड़क से चौक थाने तक प्रस्तावित 17.5 मीटर सड़क चौड़ीकरण में दालमंडी में एक के बाद एक नए मामले सामने आने लगे हैं। गणेश मंदिर, सीताराम, राधा-कृष्ण व सत्य नारायण ट्रस्ट की जमीन पर मुस्लिम वर्ग के कुछ लोग अपना नाम चढ़वाने के साथ सेवइत बन गए हैं। इतना ही नहीं, पुराने मकान तोड़कर नई बिल्डिंग खड़ी कर दी हैं। नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से मकान नंबर अपने नाम चढ़वा लिया है जबकि मंदिर और ट्रस्ट पर किसी का नाम नहीं चढ़ सकता। इनका नाम कैसे आया, जांच में सच्चाई सामने आएगी।,सड़क चौड़ीकरण को लेकर राजस्व, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सर्वे शुरू किया तो मंदिर और ट्रस्ट सामने आए। अब नगर निगम अपनी कमियों को छिपाने में लगा है। यह भी पढ़ें : वाराणसी में दो बच्‍चि‍यों पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला, देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, देखें वीड‍ियो... दालमंडी सड़क चौड़ीकरण की जद में 184 मकान आए हैं। सड़क बनाने, मकानों और जमीनों का मुआवजा देने के लिए शासन ने करीब 215 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिया है। जद में आए भवन स्वामियों को मुआवजा देने की तैयारी चल रही है। अब लोक निर्माण विभाग चौड़ीकरण की जद में आए मंदिर और मस्जिद को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता कर रहा है।,मंदिर और ट्रस्ट की जमीन पर नगर निगम में मुसलमान सेवइत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को दालमंडी सड़क चौड़ीकरण में मुआवजा देना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस बारे में क्षेत्रीय पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मकानों में शत्रु संपत्ति, मंदिर, ट्रस्ट और मस्जिद है। जिला प्रशासन को उचित निर्णय लेने की जरूरत है जिससे सरकार की छवि धूमिल नहीं हो।,यह भी पढ़ें : काशी में आज मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ, विकास कार्यों की समीक्षा और राहत कार्यों का लेंगे जायजा नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से हुआ खेल नगर निगम के रिकार्ड और पोर्टल पर सीके 42/100-101 श्रीगणेश जी, ठाकुर जी, विराजमान नयासियान धन्नू लाल, मनोज शुक्ला और निजामुद्दीन दिखा रहा है। इस पर हाउस टैक्स 41750 दर्ज है। मकान नंबर सीके 43/160-159-1-एफ सीताराम श्रीठाकुर राधा कृष्ण, श्रीठाकुर सत्यनारायण जी महाराज मालिक प्रेम शंकर मैनेजिंग ट्रस्टी सेवइत मुंतजिमकार गोपीनाथ ट्रस्टी लेजर मोहम्मद अलाउद्दीन, मोहम्मद सलाउद्दीन दिखा रहा है। इस पर कोई टैक्स नहीं है।,मकान नंबर सीके 43/160-बी सीताराम जी, राधा कृष्ण जी, सत्यनारायण जी महाराज मालिक प्रेम शंकर मैनेजिंग ट्रस्टी सेवइत गोपीनाथ ट्रस्टी लेजर रशिद जाफर, जमाल जाफर, साजिद जाफर, दीवान जाफर आदि नाम है। मंदिर और ट्रस्ट की संपत्ति पर इन लोगों का नाम कैसे आया, इस बात को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।,यह भी पढ़ें : वाराणसी में बाढ़ के खतरों का ज‍िला प्रशासन थ्री-डी डिजिटल ल‍िडार तकनीक से कर रहा आकलन。    冀时新闻报道 近日,京津冀三地市场监管部门签署《京津冀深化商事制度领域合作框架协议》,标志着京津冀商事制度协同从"规则衔接"向"数智赋能""服务共建"深度一体化阶段迈进。

二 | 三地市场监管部门提出,共建"e注册"服务品牌,企业将在京津冀享受标准一致的办事体验。在全面执行市场监管总局统一文书规范基础上,进一步推动章程、合伙协议等示范文本在三地互认共用,逐步扩大"一套标准、三地通用"适用领域。

三 | 同时,推动外商投资性公司认定、电商平台经营资质证明等更多结果数据三地互认。为深化京雄登记注册数字协同共建,三地将筹建"京雄企业链"。企业的核心证照数据依然安全地存储在"原属地登记机关",但通过区块链技术,在雄安新区就能直接"看得见、认得了"。届时,北京企业迁移到雄安后,原先自主公示的经营项目可以"接着用"。北京总部登记信息发生变更,雄安的分支机构信息能同步联动更新。同时,在大兴国际机场临空经济区,将率先试点跨省"一照多址"。在"通武廊""房涿涞"等交界地区,提供"跨域联办""档案查询绿色通道"等服务。在畅通企业跨域登记方面,针对跨省迁移,三地将优化"电子档案信息互查"流程,构建责任明确、溯源精准的登记档案管理闭环,实现"减流程、缩时限"。强化三地登记窗口人员业务培训,统一业务咨询和帮办代办服务标准等,实现京津冀全域营业执照异地"办、发、领"全流程通办。

四 |

Current article:http://www.diaoengngtengdiachanpiezao.sbs/xo42/20260826/9800.pptx

Published on:00:26:31


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